सरल भाषा में
भारत में सबसे सस्ता प्रोटीन कौन सा है? ईमानदार जवाब
हम अंडे के रेट की वेबसाइट चलाते हैं, तो आप उम्मीद करेंगे कि यह पेज "अंडा" पर ख़त्म होगा। नहीं होता — सोया चंक्स और ज़्यादातर दालें प्रति ग्राम प्रोटीन के हिसाब से अंडे से सस्ती पड़ती हैं, और फ़र्क़ मामूली नहीं है।
12 मिनट · 21 अगस्त 2026

एक बात पहले ही साफ़ कर दें: हमारी कमाई अंडे के रेट से होती है, और ऊपर वाला आंकड़ा हमारे हक़ में नहीं जाता। फिर भी हम इसे छाप रहे हैं, क्योंकि जो प्रोटीन-तालिका हर बार "अंडा खाइए" पर ख़त्म होती है वह जानकारी नहीं, विज्ञापन है।
यह हिसाब कैसे लगाया
तीन चीज़ें, तीनों सार्वजनिक, तीनों तारीख़ के साथ।
भाव। दाल, दूध, चावल और आटे के लिए उपभोक्ता मामले विभाग का 18 अगस्त 2026 का अखिल भारतीय औसत खुदरा भाव — सरकार का अपना रोज़ का आंकड़ा, 555 बाज़ार केंद्रों से जुटाया हुआ। पनीर, सोया चंक्स, दही, चिकन, मछली, मूंगफली और व्हे के लिए, जहाँ सरकार कुछ नहीं छापती, 19 अगस्त 2026 की लिस्टेड खुदरा कीमतें। अंडा ₹6.50 प्रति नग, खुला — यानी दिल्ली का NECC रेट ₹5.40 और उस पर वह मार्जिन जो किराना दुकान आम तौर पर लेती है।
प्रोटीन। Indian Food Composition Tables 2017 से, जिन्हें ICMR-NIN ने छापा है। अमेरिकी डेटाबेस से नहीं। भारतीय दाल, भारतीय प्रयोगशाला में जाँची हुई।
वज़न। यहीं ज़्यादातर लेख गड़बड़ करते हैं। दाल, सोया चंक्स, चावल और आटा सूखे वज़न पर बिकते हैं और उसी पर जाँचे जाते हैं। अंडा, दूध और पनीर उसी हालत में बिकते हैं जिस हालत में आप उन्हें खाते हैं। हमने हर चीज़ की तुलना उसी वज़न पर की है जिसके पैसे आप असल में देते हैं, और मांस-मछली में से हड्डी और बेकार हिस्सा घटा दिया है। यह क्यों ज़रूरी है, वह आगे आता है।
पूरी सूची

इसे तीन हिस्सों में पढ़िए।
शाकाहारी हिस्सा, ₹2.48 से ₹9.69। सोया चंक्स अपनी अलग ही श्रेणी में हैं — 100 ग्राम सूखे वज़न में 52 ग्राम प्रोटीन, वह भी ₹129 किलो पर। दुकान की कोई और चीज़ आसपास नहीं। इसके बाद दालें, और उनका क्रम ज़्यादातर घरों को चौंकाएगा: मसूर (₹3.71) और चना दाल (₹4.04) तूर दाल (₹5.70) से सस्ता प्रोटीन देती हैं — और तूर वही दाल है जो अधिकतर भारतीय रसोई में सबसे ज़्यादा बनती है। राजमा इस सूची की सबसे महंगी दाल है, ₹9.69 पर। अगले इतवार की दावत से पहले जान लेना ठीक रहेगा।
अंडा, ₹11.21 पर। अकेला, बीचोंबीच।
पशु स्रोत और सप्लीमेंट, ₹17.42 से ऊपर। चिकन ब्रेस्ट ₹17.42। दूध ₹18.66। पनीर ₹22.80। मछली ₹27.98। भारतीय व्हे ₹30.75। इम्पोर्टेड व्हे ₹57.15। मटन ₹64.35 — उन्हीं 10 ग्राम के लिए सोया चंक्स से छब्बीस गुना।
एक आंकड़े पर रुकिए: प्रति ग्राम प्रोटीन, पनीर अंडे से दोगुना महंगा है। भारतीय जिम की सलाह में और होटल के मेन्यू में पनीर ही "शाकाहारी प्रोटीन" का डिफ़ॉल्ट है। सिर्फ़ कीमत देखें तो यह उपलब्ध विकल्पों में से एक कमज़ोर विकल्प है।
₹100 में असल में क्या आता है

आंकड़े वही हैं, बस उलट कर देखे गए हैं — क्योंकि "प्रति ग्राम रुपया" दिमाग़ में नहीं बैठता, और ₹100 का नोट बैठता है।
लेकिन लेबल पर लिखा प्रोटीन शरीर को पूरा नहीं मिलता
यह वह बात है जो हिंदी के किसी प्रोटीन लेख में शायद ही मिलती है।
आप जो प्रोटीन खाते हैं, वह पूरा नहीं पचता — और दाल का प्रोटीन अंडे के मुकाबले काफ़ी कम पचता है।
2019 में सरिता कश्यप की टीम ने भारतीय वयस्कों पर dual-isotope tracer से यह ठीक से मापा। नतीजे सोचने पर मजबूर करते हैं:
| चीज़ | कितना प्रोटीन असल में पचा |
|---|---|
| चिकन | 92% |
| उबला अंडा | 89% |
| चना | 74.6% |
| धुली मूंग | 70.9% |
| साबुत मूंग | 63.2% |
शोध का अपना निष्कर्ष यह था कि भारतीय वयस्कों में दालों की पाचन क्षमता उम्मीद से कम निकली — यानी जो अंतरराष्ट्रीय अनुमान सब दोहराते आए हैं, वे बढ़ा-चढ़ाकर बता रहे थे कि भारतीय दाल से कितना प्रोटीन असल में मिलता है।

हर चीज़ में पाचन का हिसाब जोड़ दीजिए, क्रम लगभग वैसा ही रहता है। सोया चंक्स ₹2.48 से ₹2.76 पर जाते हैं। तूर दाल ₹5.70 से ₹7.91 पर। अंडा ₹11.21 से ₹12.59 पर — यानी वह तुलनात्मक रूप से ऊपर चढ़ता है, पर जीतने लायक नहीं।
और उसी तालिका से एक काम की बात निकलती है। धुली मूंग साबुत मूंग से आठ प्रतिशत बेहतर पचती है — 70.9% बनाम 63.2%। छिलके में phytate और tannin होते हैं जो आपके अपने पाचक एंज़ाइम रोकते हैं। भिगोना, अंकुरित करना, छिलका उतारना, कुकर में पकाना और खमीर उठाना — सब इसी दिशा में काम करते हैं। दादी रात भर दाल भिगोकर रखती थीं तो वह मापी जा सकने वाली जैव-रसायन थी।
100 ग्राम सूखी दाल कोई नहीं खाता
प्रति किलो वाली तालिका दाल की तस्वीर ऐसी बनाती है जो थाली पर पहुँचते ही बिखर जाती है।

एक कटोरी ठीक गाढ़ी दाल लगभग 30 ग्राम सूखी दाल से बनती है। उसमें करीब 6.5 ग्राम प्रोटीन होता है — यानी लगभग एक अंडा। होटल और कैंटीन में मिलने वाली पतली दाल में तो 3–4 ग्राम ही रहता है।
तो जो घर कहता है "हम रोज़ दाल खाते हैं, प्रोटीन की कमी कैसी", वह अक्सर एक ऐसी कमी में चल रहा होता है जो दिखती नहीं। ICMR-NIN की अपनी My Plate शाकाहारी वयस्क को रोज़ 85 ग्राम दाल, सूखे वज़न में देती है। यह करीब तीन कटोरी गाढ़ी दाल है। इतना शायद ही कोई खाता है।
दो अंडे, इसके उलट, 11.6 ग्राम देते हैं और चार मिनट लेते हैं।
तो अंडा जीतता कहाँ है?
कीमत पर नहीं। चार दूसरी बातों पर — और चारों असली हैं।
वह पूरा आता है। अंडे के प्रोटीन में हर ज़रूरी amino acid लगभग उसी अनुपात में है जिसमें शरीर को चाहिए। दाल में नहीं — उसमें methionine कम है। गेहूं और चावल में lysine कम है। इसे मिलाकर ठीक किया जा सकता है, जो अगला हिस्सा है, पर मिलाना पड़ता है।
89% पच जाता है। भारतीय घर जो चीज़ें ख़रीदते हैं उनमें सिर्फ़ चिकन इससे आगे है।
न पकाने का हुनर चाहिए, न तेल, न योजना। दाल भिगोनी, पकानी और छौंकनी पड़ती है। सोया चंक्स उबालने, निचोड़ने और फिर किसी सब्ज़ी में बदलने पड़ते हैं। अंडा चार मिनट और एक तवा है।
शहर भर में रोज़ एक ही भाव। NECC का घोषित रेट 34 बाज़ारों के लिए रोज़ छपता है, और दुकान का भाव उससे एक-सवा रुपये के भीतर चलता है। न पैकेट, न ब्रांड का प्रीमियम, न MRP का खेल। पनीर, ब्रांडेड दाल और व्हे के बारे में यह नहीं कहा जा सकता।
रोटी-दाल या चावल-दाल? 3:1 का नियम, आंकड़ों में
ICMR-NIN कहता है कि अनाज और दाल को 3:1 के अनुपात में मिलाने से अच्छी गुणवत्ता का प्रोटीन बनता है। यह बात सब दोहराते हैं। जाँचता कोई नहीं।
हमने ICMR-NIN की ही amino acid तालिकाओं से जाँची।

नतीजा वाक़ई अनपेक्षित है, और उत्तर भारत के लिए सबसे ज़्यादा मायने रखता है:
- गेहूं का प्रोटीन ज़रूरत का सिर्फ़ 54% lysine देता है। चावल 82% देता है।
- दाल ज़रूरत के sulphur amino acids का सिर्फ़ 50–70% देती है। दोनों की कमी उलटी दिशा में है — इसीलिए मिलाने से काम बनता है।
- चावल + दाल 3:1 पर स्कोर 1.08। काग़ज़ पर पूरा।
- रोटी + दाल 3:1 पर स्कोर 0.88। पूरा नहीं, क्योंकि गेहूं lysine के मामले में बहुत पीछे से शुरू करता है।
- ICMR के 3:1:2.5 अनुपात में दूध जोड़ दें तो 1.21।
सीधी भाषा में: दाल-चावल की थाली पूरा प्रोटीन है। रोटी-दाल की थाली तब तक पूरी नहीं, जब तक उसमें दही, दूध या अंडा न जुड़े। जिस देश की आधी आबादी दोनों वक़्त रोटी खाती है, वहाँ यह छोटी तकनीकी बात नहीं है।
प्रोटीन पाउडर का सवाल
सस्ते भारतीय व्हे कंसन्ट्रेट पर ₹30.75 प्रति 10 ग्राम और इम्पोर्टेड डिब्बे पर ₹57.15 — यानी प्रोटीन पाउडर अंडे से तीन से पाँच गुना महंगा है, उसी प्रोटीन के लिए जिसे शरीर लगभग बराबर दक्षता से संभालता है।
ICMR-NIN की 2024 की Dietary Guidelines इस पर असामान्य रूप से सीधी हैं। Guideline 8 का शीर्षक ही आंशिक रूप से यह है — "मांसपेशी बनाने के लिए प्रोटीन सप्लीमेंट से बचें।" उसमें प्रोटीन पाउडर को "अनावश्यक" कहा गया है, चेताया गया है कि लंबे समय तक ज़्यादा मात्रा में प्रोटीन कंसन्ट्रेट लेने को हड्डियों के खनिज नुक़सान और गुर्दे की क्षति से जोड़ा गया है, और यह भी कि कई पाउडर में मिलाई गई चीनी, स्वीटनर और कृत्रिम फ़्लेवर होते हैं।
दूसरा पक्ष भी रख देते हैं, क्योंकि यह दिशानिर्देश पूरी आबादी के लिए लिखा गया है, आपके लिए अलग से नहीं। ICMR का 0.83 ग्राम प्रति किलो वज़न वाला RDA पर्याप्तता का आंकड़ा है — वह मात्रा जिस पर आबादी में कमी नहीं आती। खेल-पोषण का साहित्य गंभीर ट्रेनिंग करने वालों के लिए 1.2–2.0 ग्राम प्रति किलो सुझाता है, और वह अलग सवाल है। जो कड़ी मेहनत कर रहा है वह ICMR के RDA से ज़्यादा प्रोटीन चाह सकता है — यह वाजिब है। इससे यह नहीं निकलता कि वह अतिरिक्त प्रोटीन पाउडर से ही आना चाहिए। 70 किलो के आदमी के लिए, हफ़्ते में पाँच दिन ट्रेनिंग करते हुए, 0.83 और 1.6 ग्राम प्रति किलो का अंतर रोज़ करीब 54 ग्राम प्रोटीन है — यानी लगभग नौ अंडे, ₹59 के। वही 54 ग्राम इम्पोर्टेड व्हे से ₹309 का पड़ेगा।
एक और बात: अंडे का वह आधा हिस्सा जो जिम वाले फेंक देते हैं
किसी भी भारतीय जिम में पूछ लीजिए, आपको छह अंडों का सफ़ेद हिस्सा खाने और पीले फेंकने वाले मिल जाएंगे।
प्रति 100 ग्राम, जर्दी में सफ़ेदी से ज़्यादा प्रोटीन होता है — ICMR-NIN की तालिका में 15.74 ग्राम बनाम 10.84। सफ़ेदी सिर्फ़ इसलिए आगे दिखती है क्योंकि वह अंडे का बड़ा हिस्सा है और उसमें वसा लगभग नहीं। 44 ग्राम खाने लायक अंडे में सफ़ेदी से करीब 2.9 ग्राम प्रोटीन आता है और जर्दी से करीब 2.7 ग्राम — यानी एक-तिहाई वज़न से लगभग आधा प्रोटीन।
जर्दी फेंकने का मतलब है, जिस प्रोटीन के आपने पैसे दिए उसका लगभग आधा कूड़े में डालना — साथ में बेहतर amino acid प्रोफ़ाइल, choline, विटामिन B12, विटामिन D और आयरन, जिनमें से कुछ भी सफ़ेदी में नहीं है। अगर लक्ष्य प्रति रुपये ज़्यादा प्रोटीन है, तो एग-व्हाइट ऑमलेट भारत में अंडा खाने का सबसे महंगा तरीक़ा है।
तीन जगह हम ईमानदार रह रहे हैं
हमारा अपना हित जुड़ा है। हमारा काम रोज़ का अंडा रेट छापना है। "भारत में सबसे सस्ता प्रोटीन अंडा है" वाला पेज हमारे लिए बेहतर होता। वह ग़लत भी होता।
एक आंकड़ा हमें ठीक से नहीं मिला। ICMR-NIN प्रति 100 ग्राम अंडे का प्रोटीन छापता है, पर एक मानक भारतीय अंडे का वज़न नहीं छापता। हमने 50 ग्राम कुल और 44 ग्राम खाने लायक हिस्सा माना है, जिससे प्रति अंडा करीब 5.8 ग्राम प्रोटीन बनता है। आपके अंडे बड़े हों तो आपका आंकड़ा हमारे से बेहतर है। जो "प्रति अंडा 7 ग्राम" बताते हैं वे अमेरिकी बड़े अंडे का हिसाब लगा रहे हैं।
पाचन के तीन आंकड़े भारतीय नहीं हैं। कश्यप की माप अंडा, चिकन, चना और मूंग तक है। दूध, पनीर और सोया के लिए हमने अंतरराष्ट्रीय मानक इस्तेमाल किए हैं, क्योंकि इन्हें भारतीय वयस्कों पर उसी विधि से किसी ने नहीं मापा। उन तीन पंक्तियों को संकेत मानिए, अंतिम सत्य नहीं।
दो साथी पेज
यह पेज बताता है कि प्रोटीन कितने का पड़ता है। अंडे का रेट ख़ुद जिस तरह घटता-बढ़ता है — फ़ीड, मौसम, त्योहार और NECC की व्यवस्था — वह अंडे का रेट रोज़ क्यों बदलता है पर है। और खुले अंडे की जगह ट्रे लेने पर आप किस चीज़ के पैसे दे रहे हैं, यह एक ट्रे में कितने अंडे होते हैं पर।
हमारा रोज़ का काम है 34 बाज़ारों का NECC अंडा रेट। अपने शहर का आज का भाव देखिए, और यह हिसाब अपने ही आंकड़े से दोबारा लगाइए — गणित ऊपर की तालिका में है और एक मिनट लगता है।
छोटे जवाब
अभी भारत में सबसे सस्ता प्रोटीन कौन सा है?
सोया चंक्स, ₹129 किलो पर लगभग ₹2.48 प्रति 10 ग्राम प्रोटीन। सिर्फ़ कीमत के हिसाब से आम किराना दुकान की कोई चीज़ आसपास नहीं।
क्या अंडा दाल से सस्ता है?
नहीं। अंडे में 10 ग्राम प्रोटीन ₹11.21 का पड़ता है; मसूर दाल में ₹3.71 और तूर दाल में ₹5.70। अंडा हर पशु स्रोत से सस्ता है, पर प्रति ग्राम दाल से सस्ता नहीं।
फिर लोग कहते क्यों हैं कि अंडा सबसे सस्ता प्रोटीन है?
क्योंकि वे उसकी तुलना पनीर, चिकन, मछली और प्रोटीन पाउडर से कर रहे होते हैं — वहाँ यह बात सही है, और बड़े अंतर से। दाल से तुलना में नहीं। दोनों बातें बिना यह बताए दोहरा दी जाती हैं कि तुलना किससे है।
किस दाल में सबसे ज़्यादा प्रोटीन है?
मसूर, 100 ग्राम सूखे में 24.35 ग्राम; फिर मूंग 23.88 और उड़द 23.06। तूर — जो भारत में सबसे ज़्यादा बनती है — आम दालों में सबसे नीचे है, 21.70 पर। मसूर प्रति ग्राम प्रोटीन के हिसाब से भी सबसे सस्ती है।
रोज़ कितने अंडे, व्यवहार में?
ICMR-NIN की My Plate मांसाहारी वयस्क को रोज़ 70 ग्राम मांस/अंडा देती है, साथ में 55 ग्राम दाल। मोटे तौर पर यह उस थाली में रोज़ एक से दो अंडे हैं जिसमें दाल भी है। दो अंडे 11.6 ग्राम प्रोटीन देते हैं।
क्या सोया चंक्स का प्रोटीन अंडे जितना अच्छा है?
amino acid के हिसाब से क़रीब है — सोया उन गिनी-चुनी शाकाहारी चीज़ों में है जिनमें कोई amino acid बुरी तरह कम नहीं। पचने में अंडे से थोड़ा पीछे है, और यह साबुत भोजन नहीं बल्कि वसा निकालकर बना हुआ प्रोसेस्ड उत्पाद है। इसी वजह से यह ICMR-NIN की तालिकाओं में है ही नहीं — उसका प्रोटीन आंकड़ा पैकेट के लेबल से आता है, प्रयोगशाला से नहीं।
क्या साल भर अंडे का भाव बदलने से यह क्रम बदलता है?
थोड़ा हिलता है, इतना नहीं कि क्रम बदल जाए। NECC रेट साल भर में करीब ₹4.80 से ₹7.50 प्रति नग के बीच घूमता है। सर्दियों की चोटी पर भी अंडा प्रति ग्राम प्रोटीन पनीर, चिकन और व्हे से सस्ता रहता है; और श्रावण की गिरावट पर भी दाल से महंगा रहता है।
क्या मुझे प्रोटीन पाउडर लेना चाहिए?
ICMR के RDA तक पहुँचने के लिए नहीं — वह खाने से आसानी से और कहीं सस्ते में पूरा हो जाता है। अगर आप गंभीरता से ट्रेनिंग कर रहे हैं और 1.5–2 ग्राम प्रति किलो चाहते हैं, तो पाउडर सुविधा है, ज़रूरत नहीं — और इस पूरी तालिका का सबसे महंगा प्रोटीन वही है। डिब्बा ख़रीदने से पहले ICMR-NIN की Guideline 8 पढ़ लीजिए।